कार्नेगी पर शिक्षा चर्चा!

उसके कारोबार में कटौती करने के प्रयास को स्किबो किले की शानदार ऊंचाइयों से, पहले मनोरंजन से और उसके बाद नाराजगी के साथ उसने देखा था। जब प्रयास बहत उदंड हो गए, तो कार्नेगी का गुस्सा, क्रोध और प्रतिशोध में बदल गया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदियों के स्वामित्व वाली हर चक्की की नकल करने का फैसला किया। अब तक, उसने तार पाइप, हुप्स, या चादर में रुचि नहीं ली थी। इसके बजाय, वह ऐसी कंपनियों को कच्चा इस्पात बेचने में और जो भी आकार वे चाहते थे उसमें उनको ढाल देने में संतुष्ट था। अब, अपने प्रमुख और सक्षम लेफ्टिनेंट के रूप में श्वाब के साथ, उसने अपने दुश्मनों को दीवाल की तरफ धकेलने की योजना बनाई।। “तो यह बात थी जो चाल एम श्वाब के भाषण में, मॉर्गन ने अपनी संयोजन की समस्या का जवाब देखा था। उनमें से कार्नेगी-दिग्गज कम्पनी के बिना कोई भी ट्रस्ट, ट्रस्ट होगा ही नही, जैसा कि एक लेखक ने कहा था कि बेर का कोई व्यन्जन जिसमें बेर ही न हो! “तो यह चाल एम श्वाब के भाषण में ही, मॉर्गन ने अपनी संयोजन की समस्या का जवाब देखा था। उनमें से कार्नेगी-विशाल के बिना कोई भी ट्रस्ट, ट्रस्ट होगा ही नही, जैसा कि एक लेखक ने कहा था कि बेर से बना कोई खाना जिसमें बेर ही न हो। १२ दिसंबर १९०० की रात को श्वाब के भाषण में निस्संदेह एक अनुमान था, हालाँकि कोई वादा नहीं था कि विशाल कार्नेगी उद्यम को मॉर्गन तम्बू के नीचे लाया जा सकता है! उसने इस्पात के, कार्यक्षमता के लिए पुनर्गठन, विशेषज्ञता के, असफल मिलों को निकाल देने के और फलती-फूलती संपत्तियों पर प्रयास की एकाग्रता के, अयस्क ट्रैफिक में अर्थव्यवस्थाओं के, बंधे खचों और प्रशासनिक विभागों में अर्थव्यवस्थाओं के, विदेशी बाजार पर कब्जा करने के दुनिया के भविष्य की बात की। “इसके अलावा, उसने उनके बीच चार सौ बीस लोगों को बताया कि उनकी प्रथागत चोरी की त्रुटियां कहाँ हो रही हैं। उसने अनुमान लगाया, उनके उद्देश्य, एकाधिकार बनाना, कीमतों को बढ़ाना, और विशेषाधिकार से खुद को मोटे लाभांश का भुगतान करना था!

श्वाब ने अपने हार्दिक तरीके से प्रणाली की निंदा की। उसने अपने श्रोताओं को बताया, ऐसी नीति की अदूरदर्शिता, इस तथ्य में निहित है, कि एक ऐसे युग में जब हर चीज विस्तार चाहती थी, इसने बाजार को प्रतिबंधित किया। उसने तर्क दिया कि इस्पात की लागत कम करके, एक हरदम विस्तार करता बाजार बनाया जाएगा; इस्पात के अधिक उपयोग का अविष्कार किया जाएगा, और विश्व व्यापार के एक बढ़िया भाग पर कब्जा किया जा सकेगा। वास्तव में, हालांकि वह इसे नहीं जानता था, श्वाब आधुनिक बड़े पैमाने के उत्पादन का प्रचारक था। “तो विश्वविद्यालय क्लब में रात्रिभोज का अंत हो गया!

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